आज भी प्रासंगिक हैं श्री बाबू के विचार: पीएन सिंह

 हजारीबाग। संयुक्त बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के विचारों की प्रासंगिकता आज भी है। वे सच्चे अर्थों में महात्मा गांधी के अनुयायी थे, जिन्होंने देश में राम राज्य का सपना देखा था। उक्त बातें धनबाद के सांसद पीएन सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कही। वे नगर भवन में स्वामी सहजानंद सेवा संस्थान की ओर से आयोजित श्री कृष्ण  सिंह की जयंती समारोह में बोल रहे थे। इससे पूर्व धनबाद के सांसद पी एन सिंह, कोडरमा के पूर्व सांसद तिलकधारी सिंह, हजारीबाग के पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे व महावीर लाल विश्वकर्मा, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ब्रज किशोर जायसवाल, हिसआ बिहार के विधायक अनिल सिंह ने संयक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वहीं मौके पर मौजुद कोडरमा के पूर्व सांसद तिलकधारी सिंह ने कहा कि श्री बाबू के लिए राजनीति एक साधन नहीं वरन साध्य था। इसके माध्यम से वे लाखों लोगों के दुख  को दूर करना चाहते थे। पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे ने कहा कि श्री बाबू हमेशा समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य करते रहे। वहीं महावीरलाल विश्वकर्मा ने श्री बाबू को ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ  व्यक्तित्व का स्वामी बताया साथ ही कहा कि आज उनके जैसे राजनीतिज्ञों की खासी जरूरत है। हजारीबाग के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ब्रजकिशोर जासवाल ने कहा श्री बाबू का हजारीबाग से खासा लगाव रहा है। उनका ससुराल तब के हजारीबाग व वर्तमान के गिरिडीह में है, जिसे लेकर उनका हजारीबागवासियों से एक अलग प्रकार का आत्मीय संबंध बना हुआ था। बिहार के हिसुआ के विधायक अनिल सिंह ने श्री बाबू को एक कुशल प्रशासक के साथ समाज  सुधारक बताया। साथ ही कहा कि श्री बाबू वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने दलितों को लेकर वैद्यनाथधाम मंदिर में प्रवेश किया था। वहीं नगर निगम के महापौर रोशनी तिर्की व उपमहापौर राजकुमार लाल सहित कई वक्ताओं ने श्री बाब के राजनैतिक व सामाजिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। समारोह में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।