आपके सामने चुनौतियां आ रहीं, मतलब आप आगे बढ़ रहे हैं : राज्यवर्धन राठौर

नई दिल्ली । विफलता के बिना नई दिल्ली । विफलता के बिना सफलता की कहानी और सफर दोनों अधूरा है। अगर आपकी सफलता में कोई चुनौती नहीं आई तो वो स्थाई सफलता नहीं होती है। इसलिए जीवन में जब भी कभी आपके सामने चुनौती आए, समझ लीजिएगा कि आप आगे बढ़ रहे हैं। यह बातें केंद्रीय खेल व युवा मामलों के मंत्री, पूर्व ओलंपिक पदक विजेता और सेना के रिटायर्ड कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहीं। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर साई के एक कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सफलता का केवल एक मंत्र होता है, वो है आपके पेट में कुछ पाने के लिए कितनी आग है। सफलता का केवल यही एक मंत्र होता है। सफलता के लिए हम सबको एक ऊर्जा व ताकत की जरूरत होती है, जो हमें अपने अंदर खोजनी पड़ती है। हमें पहचानना होता है कि हमारी ऊर्जा और ताकत किस चीज में है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे भौतिक विज्ञान में केवल एक ही चीज पता है। वह है न्यूटन का तीसरा नियम। मतलब मुझे जितना दबाओगे, मैं उतना और ऊपर निकलकर आऊंगा। उन्होंने इस मौके पर उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें कभी न  कभी दबाने की कोशिश की है। राज्यवर्धन राठौर ने कहा 'मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने जिंदगी में मुझे दबाने की कोशिश की। अगर उन्होंने ताने नहीं दिए होते। उन्होंने दबाया नहीं होता, तो आज मैं यहां तक नहीं पहुंचता। उस समय बुरा लगता था। बहुत बुरा लगता था, लेकिन सच कह रहा हूं कि अगर उन लोगों ने मुझे दबाया नहीं होता तो मैं कहीं न कहीं बहुत सुकून और संतोष में रह रहा होता। सोचता कि चलो कोई चुनौती नहीं है। ऐसे में कभी इस मुकाम तक नहीं पहुंचता।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब-जब आपके आत्म सम्मान को चुनौती मिलती है और आपके अंदर चैंपियन है तो वो आपको और मजबूत बनाएगा। जिंदगी से चुनौतियां कभी खत्म नहीं होंगी। कभी भी आपको लगता है कि आपके सामने चुनौती आ रही है तो समझ लीजिए आप आगे बढ़ रहे हैं। तब अपने मन में बोलना कि मैं आगे बढ़ रहा हूं। आपके चारों तरफ हमेशा नकारात्मकता रहेगी। वो नकारात्मकता है, तभी सभी लोग आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। फिर भी आप पॉजिटिव रहिएगा। उस निगेटिव में से पॉजिटिवी निकालिए, तभी आगे बढ़ेंगे।