अब मेहमानों को हल्के में नहीं ले सकती टीम इंडिया

पुणे। वेस्टइंडीज के जुझारू प्रदर्शन के दम पर दूसरा वनडे टाई रहने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार को पुणे में तीसरे मैच में उतरेगी तो भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की वापसी के साथ गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन के जरिये उसका इरादा बढ़त दोगुनी करने का होगा। भारत ने गुवाहाटी में खेले गए पहले वनडे में वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराया था, जबकि विशाखापत्तनम में दूसरा वनडे मेहमानों ने आखिरी गेंद पर टाई करा लिया, जिससे भारत ने वहां पांच मैचों की सीरीज में 2- 0 की बढ़त लेने का मौका गंवा दिया। भुवनेश्वर और बुमराह की गैरमौजूदगी में भारत ने दोनों मैचों में कैरेबियाई टीम को 320 से ज्यादा रन बनाने का मौका दे दिया। उमेश यादव और मुहम्मद शमी की तुलना में भुवनेश्वर और बुमराह सफेद के पास सफेद गेंद की क्रिकेट में ज्यादा विविधता हैं और उम्मीद है कि इन दोनों की मौजूदगी से अंतर साफ नजर आएगा। खासतौर से पावरप्ले और अंतिम ओवरों में भारत का प्रदर्शन बेहतर होगा ।इंग्लैंड में अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले भारत को सिर्फ 16 वनडे मैच और खेलने हैं। ऐसे में जब एमसीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में जब भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो मध्य क्रम की अस्थिरता और निचले मध्य क्रम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता के अभाव जैसे मसलों से कप्तान विराट कोहली को पार पाना होगा। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर सबसे तेज 10000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने कोहली टीम के प्रदर्शन की धुरी रहे हैं। उन्होंने लगातार दो शतक (140 और नाबाद 157) बनाए और अब तक सीरीज में अपने नाम 297 रन दर्ज करा चुके हैं। उनकी नजरें एक और बड़ी पारी खेलने पर लगी होंगी। अंबाती रायुडू ने 73 रन बनाकर चौथे नंबर पर अपना दावा मजबूत किया है। अब सवाल पांचवें, छठे और सातवें नंबर का है। अनुभवी महेंद्र सिंह धौनी (20) दूसरे वनडे में भी नहीं चल सके और इस विकेटकीपर बल्लेबाज पर अपनी उपयोगिता साबित करने का काफी दबाव होगा। युवा रिषभ पंत से भी बड़ी पारी की उम्मीद है। टीम प्रबंधन उन पर भरोसा अभी कायम रख सकता है। भारत में डे-नाइट मैचों में ओस की भूमिका अहम होती है। यह कुछ ऐसा है जो भारतीय कप्तान कोहली के लिए चिंता की बात है, क्योंकि कलाई के दोनों स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्रा सिंह चहल को ओस के कारण गेंद पर पकड़ बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। सीनियर स्पिनर वींद्र जडेजा को अगर विश्व कप टीम में जगह पानी है तो लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। दूसरी ओर, कैरेबियाई टीम के लिए युवा शिमरान हेटमायर सीरीज की खोज साबित हुए हैं, जिन्होंने 106 और 94 रन की पारियां खेली हैं।21 साल का यह बायें हाथ का बल्लेबाज एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों के लिए सिरदर्द बन सकता है। विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप ने विशाखापत्तनम वनडे में शतक जमाकर साबित कर दिया कि वह अपने दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं। वेस्टइंडीज को हालांकि कीरन पॉवेल, चंद्रपॉल हेमराज और रोवमैन पॉवेल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मर्लोन सैमुअल्स (13 रन) और कप्तान जेसन होल्डर (50 रन) भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। गेंदबाजी में केमार रोच महंगे साबित हुए हैं और स्पिनर देवेंद्र बिशू एवं एशले नर्स ने भी रन लुटाए हैं।