एटीएफ को जीएसटी के तहत लाया जाए -जयंत सिन्हा

नई दिल्ली। नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से विमान ईंधन एटीएफ को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत लाने का आग्रह किया है। सिन्हा ने सोमवार को जेटली से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि नागर विमानन मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय ओर सभी राज्यों से एटीएफ को जीएसटी ढांचे में लाने पर विचार करने को कहा है। हम चाहते हैं कि ऐसा हो। इसलिए हमारे बीच इस पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला जीएसटी परिषद को करना है। भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता घरेलू विमानन बाजार है। इसके बावजूद स्थानीय विमानन कंपनियां को कच्चे तेल के बढ़ते दाम और रुपये में गिरावट की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। चूंकि विमानन कंपनियां यात्रियों को सस्ते किराये से आकर्षित करने का प्रयास कर रही हैं इसलिए वे टिकट के दाम नहीं बढ़ रही हैं। एटीएफ भारत में एक एयरलाइन की लगभग 35-40 फीसद परिचालन लागत का गठन करता है। बैठक में वित्त सचिव हसमुख अधिया और नागरिक उड्डयन सचिव आर एन चौबे ने भी भाग लिया। इसमें एयरलाइन के लिए इनपुट लागत कम करने के तरीकों पर चर्चा की गई। गौरतलब है कि पिछले साल 1 जुलाई को माल और सेवा कर (जीएसटी) पेश किया गया था, तब पांच वस्तुओं - कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और विमानन टर्बाइन ईधन (एटीएफ) को जीएसटी के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया था।