सूदखोर की हत्या करने आये 2 सुपारी किलर व साजिशकर्ता पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

 संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक असित श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में रविवार को प्रभारी स्वाट टीम अल्फा निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह व प्रभारी चौकी औद्यौगिक क्षेत्र उनि खुश मोहम्मद के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के अन्तर्गत भैसहिया मोड़ के पास से मुठभेड़ में 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके नाम सच्चिदानन्द उर्फ भल्लर, संतोष कुमार पाण्डेय और अजय कुमार मिश्रा उर्फ मुन्नू हैं। पुलिस को इनके पास से दो तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जीवित कारतूस व एक चाकू भी मिला है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर के मुताबिक, सच्चिदानन्द पेशेवर अपराधी है। जिसपर 14 मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि अभियुक्तगण से जब पूछताछ की गयी तो अजय कुमार ने बताया कि मैं जमीन खरीदता एवं बेचता हूं। मैंने चन्द्रभान यादव पुत्र कोदई निवासी भैसाखूट थाना धनघटा से डेढ़ वर्ष पूर्व 32 लाख रुपये 8 प्रतिशत ब्याज पर लिये थे। मैंने चन्द्रभान यादव को इस अवधि में लगभग 50 लाख रुपये विभिन्न तिथियों में वापस भी किया है। फिर भी चन्द्रभान यादव हमसे 50 लाख रुपये और जबरन लेना चाहते हैं और मुझे कई बार अपने डेरी फार्म पर बंधक बनाकर मां-बहन की गाली देता था एवं जान से मार डालने की धमकी भी देता था। गिरफ्तार अजय कुमार ने आगे बताया कि इनके तगादे से आजिज आकर मैंने पहले संतोष पाण्डेय से सम्पर्क कर चन्द्रभान यादव की हत्या हेतु तैयार किया। इसके लिये पिछले 3 माह में कुल ढाई लाख रुपये दिये। उसके बाद मैंने अपने गांव के पड़ोसी सच्चिदानन्द उर्फ भल्लर को तैयार किया, जिसके लिये उन्हें 6 लाख रुपये देने थे पेशगी के तौर पर, लेकिन उन्हें 90 हजार दिये। इधर लगातार एक सप्ताह से हम तीनों अलग-अलग समय पर चन्द्रभान की रेकी कर सच्चिदानन्द व संतोष कुमार पाण्डेय को पहचनवा दिये थे। आज हम तीनों यहा एकत्र हुये थे। अभी मैं चन्द्रभान यादव को फोन करके मंझरिया मोड़ के आस-पास बुलाकर स्वयं गोरखपुर की ओर चला जाता तथा सच्चिदानन्द व संतोष दोनों मिलकर चन्द्रभान की हत्या कर देते। जिसकी पुष्टि गिरफ्तार अभियुक्त सच्चिदानन्द व संतोष द्वारा की गयी।