विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पकड़ी गई 28 लड़कियों के मामले में खुले कई राज

गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के न्यायखंड-दो से सोमवार को बरामद हुई 28 लड़कियों के मामले में जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मंगलवार एक अन्य फ्लैट से सात नेपाली लड़कियां व दो नेपाली लड़के और मिले हैं। फ्लैट से पकड़ी गई लड़कियों को भी विदेश में नौकरी का झांसा देकर रखा हुआ था। जांच पड़ताल में पुलिस को 17 पासपोर्ट मिले हैं जिनमें से कुछ का वीजा लगा हुआ है। अधिकांश वीजा लगे पासपोर्ट कुवैत, सऊदीअरब, दुबई व दुसरी गल्फ कंट्री के हैं। जिस फ्लैट से मंगलवार को सात नेपाली लड़कियां व दो नेपाली लड़के पकड़े गए हैं, वह फ्लैट आरोपी रोमियो जोशी का है, जिसमें एक अन्य आरोपी केदारनाथ भी पार्टनर है। नेपाल से विदेशों में लड़कियों को नौकरी पर भेजने में है पाबंदी एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि नेपाल से विदेशों में लड़कियों को नौकरी पर भेजने के लिए पाबंदी है। इसलिए ये लोग भारत के रास्ते नेपाली लड़कियों को विदेशों में नौकरी के लिए भेजते थे। प्रेसवार्ता में एसएसपी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह के एक सदस्य अनिल नेपाली दुबई में बैठा है। एक दूसरा साथी नेपाली गणेश नेपाल में है। जबकि वसंत कुंज व इंदिरापुरम में रहने वाला तीसरा केदारनाथ है। दुबई में बैठा एजेंट नौकरी के लिए लड़कियों की ऑन डिमांड नेपाल के गणेश से करता था। वह बस द्वारा लड़कियों को नेपाल से भारत भेजता था। जबकि दिल्ली में बैठा केदारनाथ यहां इंडिया टूरिस्ट बताकर उन्हें फर्जी कागजातों के माध्यम से विदेश में भेजता था। इतना ही नहीं विदेश में रहने की समय सीमा बढ़ाने के लिए वह कई तरह के बहाने व कागजात पहले से तैयार रखता था। पकड़ी गई नेपाली लड़कियों के कब्जे से ऐसे स्मार्ट कार्ड व मोबाइल मिले है जिससे पता चलता है कि वह पहले से ही कई एजेंटों के संपर्क में थी। लड़कियों के एजेंट को फोटो भेजने से कई तरह की आशंका भी जताई जा रही है। हालाकि, एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान किसी लड़की ने ये नहीं कहा कि उनका शारीरिक शोषण किया जाता है।