2600 ग्रहों की खोज करने वाला नासा का केप्लर टेलीस्कोप रिटायर

 वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की आंख कहा जाने वाला केप्लर टेलीस्कोप रिटायर हो गया। इस बेमिसाल टेलीस्कोप ने अपने नौ साल के अंतरिक्ष मिशन के दौरान 2,600 से ज्यादा एक्सोप्लेनेट्स (हमारे सौरमंडल से बाहर के ग्रह) की खोज की। इनमें से कुछ ग्रहों पर जीवन की संभावना भी जताई गई है। नासा ने कहा कि सुदूर अंतरिक्ष से जुटाए गए केप्लर के डाटा से हमें पता चला कि आकाश में अरबों छिपे हुए ग्रह हैं। इनकी संख्या तारों से भी ज्यादा है। केप्लर की सहायता से ही यह पता चल सका कि रात में आकाश में दिखने वाले तारों में से 20 से 50 फीसद तारों के मंडल में ग्रह हैं। इनमें कई ग्रह अपने तारों से ऐसी दूरी पर स्थित हैं, जहां जीवन की संभावना भी है। छह मार्च, 2009 को लांच किए गए केप्लर अंतरिक्ष दूरबीन में उस समय के हिसाब से सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा लगाया गया था। मिशन की शुरुआत के समय प्रोजेक्ट मैनेजर रहीं और नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी में कार्यरत लेस्ली लिवसे ने कहा कि अभियान में कई चुनौतियां थीं, लेकिन वैज्ञानिकों की सक्षम टीम ने इन चुनौतियों से पार पा लिया। नासा के सांइस मिशन निदेशालय के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर थॉमस जुर्बुचेन कहते हैं, नासा के पहले ग्रह खोजी मिशन के रूप में केप्लर हमारी अपेक्षाओं से कहीं ज्यादा बेहतर साबित हुआ। इसने सौरमंडल और उससे परे जीवन की तलाश में हमारे मार्ग को प्रशस्त किया।