भारतीय अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के पुरस्कार समारोह में बिहार पवेलियन को मिला गोल्ड अवार्ड

नई दिल्लीः नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 38वें भारतीय अंतरर्राष्ट्रीय  व्यापार मेले में अंतिम दिन बिहार पवेलियन को व्यापार मेले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पहला गोल्ड अवार्ड से पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार भारतीय अंतरर्राष्ट्रीय  व्यापार मेले के अंतिम दिन प्रगति मैदान स्थित हंसध्वनी थियेटर में केंद्रिय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा बिहार सरकार उद्योग विभाग के निदेशक पंकज कुमार सिंह, उप निदेशक उमेश सिंह एव उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसन्धान संसथान के उप निदेशक अशोक कुमार सिन्हा को दिया गया। पिछले 38 वर्षों से हो रहे इस आयोजन में वर्ष 2014 में उत्कृष्ट साज-सज्जा के लिए एवं वर्ष 2015 एवं 2016 में स्वच्छता के लिये बिहार को गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ था। गौरतलब है की अन्तराष्ट्रीय व्यापार मेले में बिहार सभी राज्य एवं केन्द्रशाषित प्रदेश को पीछे छोड़ अपने बेहतरीन साज सज्जा एवं मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन में गोल्ड पुरस्कार हासिल करने में कामयाब हुआ|उद्योग निदेशक, बिहार सरकार श्री पंकज कुमार सिंह ने भी पुरस्कार मिलने पर ख़ुशी जाहिर की है और कहा कि यह बिहार के लिए बड़े गौरव की बात है की 38वें भारतीय अंतरर्राष्ट्रीय  व्यापार मेले में पवेलियन को उत्कृष्ट साज-सज्जा एवं प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया| उन्होंने कहा की यह हामरे लिए एवं सभी बिहारवासियों के लिए बड़े ही गौरव की बात है एवं सभी कलाकारों द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन का नतीजा है|बिहार पवेलियन के निदेशक  उमेश कुमार सिंह ने भी बिहार को पुरस्कृत किये जाने पर ख़ुशी जाहिर की उन्होंने कहा कि बताया कि बिहार मंडप को इस वर्ष प्रगति मैदान के हाल नं 12 में आई.टी.पी.ओ. द्वारा इस वर्ष मेले की थीम ‘‘रूरल ईटरप्राइजेज ऑफ इंडिया” के अनुरुप नायाब रूप दिया गया है। बिहार को इस वर्ष मात्र 133 वर्ग मीटर जगह ही आवंटित हुआ था| इतने कम में हीं बिहार पवेलियन को मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग एवं टिकुली कला से खूबसूरती से सजाया गया है| पवेलियन के अग्र भाग में राज्य पुरस्कृत सरोज झा द्वारा मधुबनी पेंटिंग मंजूषा पेंटिंग एवं टिकुली कला से तैयार 32 पैनलों का प्रयोग किया है एवं मुख्य भाग में उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंघान संस्थान द्वारा सिक्की क्राफ्ट, मंजूषा पेंटिंग एवं टेराकोटा कला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष मेले में बिहार पवेलियन के अन्दर एप्लिक, सजनी कला, टिकुली पेंटिंग, हैंडलूम, मधुबनी पेंटिंग एवं मंजूषा पेंटिंग कलाओं के सात स्टाल लगाये गये थे एवं इनमें रिकार्ड बिक्री भी हुई है|