दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह लोधी रोड में पीएम 2.5 का स्तर 214 पर था वहीं पीएम 10 का स्तर 283 था। हर रोज और जहरीली हो रही दिल्ली की हवा को बेहतर करने की कवायद जारी है। इस बीच प्रदूषण के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई है। सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 15 साल पुराने वाहनों पर प्रतिबंध जारी रखा है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने : सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नागरिकों को प्रदूषण के बारे में शिकायतें करने के लिए फेसबुक और ट्विटर पर अकाउंट बनाया गया है और सीएम केजरीवाल अब तक इस पर 18 शिकायतें मिली हैं। कोर्ट ने CPCB से इन सोशल मीडिया अकाउंट्स को प्रचारित करने के लिए कहा। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को बैन कर दिया गया है।दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि 20 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच शहर में कमर्शियल वाहनों के प्रवेश के दौरान निगरानी के लिए दिल्ली के 13 एंट्री प्वाइंट्स पर रेडियो ऐंड फीकेसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस केजरीवाल बोले(RFID) लगाएगी। पंजाब में पराली जल रही है। दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सीएम केजरीवाल ने कहा है। कि पंजाब और हरियाणा सरकार का दावा कि इन राज्यों में पराली नहीं जलाई जा रही पूरी तरह गलत है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में साफ दिखता है कि खासकर पंजाब में पराली जल रही है। मैं अपील करता हूं कि नेताओं को गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए, बल्कि इस मुद्दे को हल करने में मदद करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिए थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर (सोमवार) को हुई सुनवाई में दिल्ली-एनसीआर  खतरनाक होते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त आदेश दिए थे। कोर्ट ने एनसीआर में 10 साल । पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन विभाग से कहा था कि 10 साल पुराने डीजल और पंद्रह साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं। साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त करें। यही नहीं, कोर्ट ने कहा कि ऐसे वाहनों की सूची वेबसाइट पर डाली जाए। सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी द्वारा 2015 में दिए गए उस आदेश को सही ठहराया था जिसमें कहा गया था कि 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को करें मुद्दा प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने एनजीटी के इस आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।पहले भी कई बार पुराने वाहनों पर लगा है प्रतिबंध इससे पहले भी दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पुरानी गाड़ियों पर कई बार प्रतिबंध लागू किया जा चुका है। एनजीटी ने सबसे पहले अप्रैल 2015 में 15 साल पुराने पेट्रोल व डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद दिसंबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने तीन माह के लिए एनसीआर में 2000 सीसी से ज्यादा की डीजल कारों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। जुलाई 2017 में हृतञ्ज ने दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर बैन का आदेश दिया था। ... इसलिए अब तक लागू नहीं हुआ प्रतिबंध पुराने वाहनों पर लगी रोक से दिल्लीएनसीआर के लाखों लोग प्रभावित होंगे। ऐसे में सितंबर 2017 में केंद्र सरकार ने एनजीटी में याचिका दायर कर दिल्ली-एनसीआर में 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों को चलाने पर लगी रोक हटाने की याचिका दायर की थी। एनजीटी ने इसे रद कर दिया था। जनवरी 2017 में इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज करते हुए एनजीटी के आदेश को बरकरार रखा था।