एक मंच पर आए एशिया के अग्रणी सोशल इनोवेटर्स और बिज़नेस लीडर्स

 नई दिल्ली । दुनिया के अग्रणी सामाजिक उद्यमियों के सबसे बड़े वैष्विक  संगठन अशोक इंडिया की ओर से नोवोटेल, एरोसिटी में  आयोजन किया गया। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो सहानुभूति एवं बदलाव लाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दुनिया के कुछ सबसे असाधारण सोशल इनोवेटर्स - अशोका फेलोज़- को सर्वाधिक दूरदर्शी बिज़नेस लीडर्स से मिलने के लिए एक मंच पर लाता है। भारत सरकार के पूर्व सचिव अनिल स्वरूप ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर कार्यक्रम की गरिमा बाई। अपने संबोधन में श्री स्वरूप ने कहा   निमीतने के लिए बहुत कुछ होता है। आप में से हरएक में बदलाव लाने की काबलियत है लेकिन सभी अच्छे लोगों को एक साथ आने की जरूरत है। तो आइये, अच्छ करने के तंत्र से जुड़ें! मैं इस शानदार प्रयास के लिए अशोका टीम को सत्र सन्न विषयों पे  बधाई देता हूँ। सत्र सहानुभूति और चेंजमेकिंग पर केंद्रित थे, जिन विषयों पर चर्चा की गई, उनमें से कुछ हैं। - जटिल और तेजी से बदलती दुनिया में सहानुभूति - बदलाव की कहानियां बुनियाद के रूप में सहानुभूति - ट्रैफिकिंग या तस्करी के पीड़ितों के प्रति मुख्य संस्थानों के बीच सहानुभूति कायम करना - सहानुभूति पूर्ण नीतियों की दिशा में कानून निर्माताओं और एलजीबीटीक्यू समुदायों के बीच संबंध कायम करना । इस अवसर पर श्री सनीश जौहरी, सुनीश जौहरी, इंडिया लीडर ने कह्म, ''हम जिस दौर में है मों टनिया तेजी से बदल रही है और हमारे आसपास की समस्याएं भी उस रफ्तार से बढ़ रही हैं जिनके हिसाब ही हैं जिनके हिसाब से हम तैयारी नहीं कर पा रहे हैं और न कर पा रहे हैं और न ही उनका अंदाजा लगा पा रहे हैं। लिहाजा, हमें इन समस्याओं के T जिन टशनाथों की समाधान के लिए जिन दक्षताओं की जरूरत है वे अशोका से फर्क हैं और जरूरत है वे अशोका से फर्क हैं और हमारा मानना है कि सहानुभूति वास्तव में, तमाम दक्षताओं की बुनियाद है जो कि दुनियाभर में किसी भी व्यवसाय, सामाजिक उपक्रम अथवा किसी भी सामाजिक उपक्रम अथवा किसी भी टेक्नोलॉजी में बदलाव ला सकती है। टेक्नोलॉजी में बदलाव ला सकती है। अशोका की पहल है जो अशोका फलाज आर बिज़नस लाडस का एक छत के नीचे लाने के मकसद से की गई छत के नीचे लाने के मकसद से की गई ताकि हम सभी एक-दूसरे से सीख सकें।" विष्णु स्वामिनाथन, दक्षिण एशिया प्रतिनिधि/ग्लोबल पार्टनरशिप लीडरशिप ग्रुप मेंबर, अशोका ने कहा, लीडरशिप ग्रुप मेंबर, अशोका ने कहा, "अशोका की दृष्टि के अनुसार हर व्यक्ति बदलाव ला सकता है। जब हमने भविश्य की इस जरूरत को समझा कि दुनिया में बदलाव लाने समझा कि दुनिया में बदलाव लाने वालों की आवश्यकता है और हरेक को वालों की आवश्यकता है और हरेक को । परिवर्तक बनने की दक्षता होनी चाहिए। मन मुड़कर यह आकलन किया कि हमारे फैलोज़ कैसे बदलाव के वाहक हमारे फैलोज़ कैसे बदलाव के वाहक बन सकते हैं, या खुद बदलाव ला सकते हैं? और तब हमें समझ आया कि बदलाव लाने की दिषा में सबसे महत्वपूर्ण कदम सहानुभूति आधारित जीवनशैली हो सकता है। और अगर सहानुभूति ही बदलाव लाने का जरिया बनने के लिए आवश्यक दक्षता है तो आप इस बात का आकलन कैसे करेंगे कि इस दुनिया में बढ़ने वाला हर बच्चा किस प्रकार से समझें कि सहानुभूति क्या होती है। हमने यहीं से शुरूआत की। यह आयोजन सामाजिक बदलाव लाने वाले लोगों को एक मंच पर लाने के लिए है। हम उन्हें अषोका फैलोज़ या अग्रणी सामाजिक उद्यमी कहते हैं जिन्हें व्यावसायिक उद्यमियों के साथ लाकर हम यह देखना चाहते हैं कि परिवर्तकों से भरपूर भविश्य कैसा होगा। हम कैसे यह सनिष्चित करें कि हर व्यक्ति बदलाव की दक्षता को अपनाए? यही आज इस आयोजन का बनियादी आधार है और गटी आपण आधार है और यही अशोका के मूल में है। । लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले अशोक फैलोज़ का वेल्थ एवं वैल्यू सृजित करने में मदद करने वाले विशिष्ठ बिजनेस लीडर्स के साथ मंच साझा करना, अनूठा और अद्भुत है। अशोका फैलोज़ में शामिल कछ लोगों में कैलाश सत्यार्थी, मोहम्मद यूनुस, शाहीन मिस्त्री, हरीश हांडे, जेरू बिलिमोरिया, चंद्रशेखर घोश और जैक सिम जैसे नाम शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक को लोगों के जीवन में व्यापक प्रभाव डालने का श्रेय जाता है। कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रतिश्ठित हस्तियों में एपी सिंह, सीईओ इंडिया पोस्ट टैक्नोलॉजी सेंटर एंड सीनियर डिप्टी डायरेक्टर जनरल, डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स, अशोका फैलो विजय महाजन, बेसिक्स सोशल ऑन्ट्रप्रेन्योर ग्रुप के संस्थापक और राजीव गांधी फाउंडेशन के वर्तमान सीईओ, अशोका फैलो सीवी मधुकर, सह-संस्थापक पीआर लेजिसलैटिव, डॉ. गणेश नटराजन, ग्लोबल ब्रांड डायरेक्टर एवं इंडिया बोर्ड ऑफ सोशल वेंचर पार्टनर्स के चेयरमैन, अशोका फैलो एवं मैगसायसाय पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक, संस्थापक एवं एडवाइजर एसईसीएमओएल, संजय मित्तल, सीईओ, लिविंग हैबिटेट्स प्रा. लि., सनीश जौहरी, इंडिया लीडर, अशोका और विष्णु स्वामीनाथन, अशोका ग्लोबल पार्टनरशिप टीम आदि शामिल रहे।