एशिया की सबसे बड़ी फोरेंसिक लैब से पश्चिमी यूपी पुलिस को मिलेगी तकनीकी मदद


 गाजियाबाद। स्थानीय मोदीनगर तहसील स्थित निवाड़ी में 64 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई आधुनिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुलिस को एक बड़े हथियार के रूप में मिली। शुक्रवार को प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी ओपी सिंह ने फोरेंसिक लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह एशिया की सबसे बड़ी फोरेंसिक लैब बनी है, जिससे अब पुलिस को बिसरा रिपोर्ट के लिए महीनों और कभी-कभी सालों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यही नहीं, नार्को टेस्ट के लिए बंगलुरू तक की भागदौड़ से भी छुटकारा मिलेगा। प्रयोगशाला में टेस्ट के लिए दूसरे प्रदेशों के सैंपल भी आएंगे। इस आधुनिक लैब में 174 वैज्ञानिकों की टीम 16 प्रकार के टेस्ट करेगी। श्री सिंह ने आगे बताया कि आगरा के बाद गाजियाबाद में दूसरी आधुनिक विधि- विज्ञान प्रयोगशाला तैयार हो चुकी है। जिसे आज विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया। ज्ञात हो कि निवाड़ी क्षेत्र में पुलिस करीब छह वर्ष से यह लैब बनवा रही थी। लैब के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि लैब में आधुनिक 16 टेस्ट किए जाएंगे। जबकि बंगलुरू की लैब में महज 10 प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं। टेस्ट किए उन्होंने कहा कि इस लैब बनने से मेरठ और सहारनपुर मंडल के अलावा आसपास के अन्य जिलों को भी सीधा फायदा पहुंचेगा। लैब में कुल 174 वैज्ञानिक काम करेंगे। फिलहाल 110 की तैनाती हो चुकी है। लैब में दो कोल्ड रूम बनाए गए हैं। एक रूम का तव में कुल 174 वैज्ञानिक तापमान चार डिग्री और दूसरे का -20 डिग्री सेल्सियस होगा। इस मौके पर एडीजी प्रशांत कुमार, एडीजी तकनीकी सेवाएं आशुतोष पांडे, आईजी मेरठ रेंक रामकुमार, एसएसपी वैभव कृष्ण व निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अर्चना त्रिपाठी मौजूद रहीं।