कोतवाली पुलिस ने अपहरण कर हत्या किए जाने के मामले का खुलासा किया

गाजियाबाद। स्थानीय थाना कोतवाली नगर पुलिस ने निजी सम्बन्धों की आड़ लेकर रुपये वसूलने और ब्लैकमेल करने के चक्कर में गला घोंटकर मार दी गई एक महिला के शातिर हत्यारे को मुखबिर की सूचना के आधार पर दबोच लिया है। यही नहीं, पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और हैंडबैग भी उसके घर से बरामद कर लिया है। बता दें कि कोतवाली पुलिस गत 19 अक्टूबर को अपने यहां पंजीकृत एक मुकदमा बनाम अज्ञात शव का अनावरण करने के पीछे गम्भीरतापूर्वक जुटी हुई थी। क्योंकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण के सख्त निर्देशों और पुलिस अधीक्षक नगर श्लोक कुमार और क्षेत्राधिकारी प्रथम धर्मेद्र चौहान के कुशल दिशा निर्देशन के बीच थाना कोतवाली प्रभारी जय करण सिंह की टीम ने इसे चुनौती के रूप में लिया और इस मामले से जुड़े रहस्यों पर से पर्दा उठाने में कामयाब भी रहे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निरीक्षण अपराध राजेश सिंह, दरोगा उदयवीर सिंह व उनकी टीम द्वारा अथक प्रयासों के बाद पुलिस को उस समय बहुत बड़ी सफलता मिली, जब टीम को मुखबिर खास ने सूचना दी कि गत 29 सितंबर को वादी की पुत्री को दीपक के साथ एक गाड़ी में बैठी हुई खजूरी। पुस्ता रोड की तरफ जाते हुए देखा गया है। यही वजह है कि मुखबिर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर विवेचना में आए अधिकारी ने दीपक पुत्र फकीरचंद निवासी ग्राम गढ़ी कटईया थाना लोनी गाजियाबाद को गत 31 अक्टूबर की रात्रि को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने उससे कड़ी पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि मृतका से मेरी लगभग तीन-चार वर्ष से दोस्ती थी। मृतका और मेरा एक दूसरे के घर आना जाना था। इसलिए अब मृतका मुझे ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग कर रही थी। मृतका द्वारा बार-बार रुपए मांगने से जब मैं परेशान हो गया तो मैंने उसे खत्म करने का प्लान बनाकर मंगलौर हरिद्वार के पास ले गया। वहीं पर उसे शराब पिलाकर नशे में मृतका का दुपट्टे से ही गला घोंटकर हत्या कर दी और 29 सितंबर को मृतका के शव को एक नहर की पानी में फेंक दिया था।