मतदाता सूची को लेकर केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से की शिकायत

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत को पत्र लिखकर शिकायत की है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। मतदान ही लोकतंत्र का आधार होता है। ऐसे में मतदाताओं को मतदान से महरूम रखना उसकी हत्या कर देने जैसा है। उन्होंने इसकी पारदर्शी तरीके से जांच कराने की मांग करते हुए उनसे मिलने का समय भी मांगा है। बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस बारे में विस्तत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता वहां नहीं है या उस पते पर नहीं रह रहा तो उसका वोट काटा जा सकता है, अन्यथा नहीं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कराई तो दक्षिणी दिल्ली से जुड़े नौ मामलो में खुद चुनाव अधिकारियों ने माना कि उनसे गलती हुई है। हैरत की बात यह भी है कि जिन मतदाताओं के वोट काटे गए हैं, वह या तो कांग्रेस के मतदाता हैं या आप के उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है। दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से एक लाख वोट काटे गए हैं। क्या भाजपा इस तरह चुनाव जीतना चाहती है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में भी जिक्र किया है कि उनकी जांच में ये गलत साबित हुआ है। साथ ही सीएम ने जांच की मांग भी की है और कहा है कि जितने नाम काटे गए हैं, उन्हें फिर से जोड़ा जाए। सिसोदिया ने यह भी कहा कि टीएन सेशन जब मुख्य चुनाव आयुक्त थे तो चुनाव आयोग की ख्याति बनी थी, लेकिन मौजूदा समय में स्थिति अच्छी नहीं है। एक लोकसभा से एक लाख नाम काटा जाना बहुत बड़ी बात है।  पड़ोसी राज्यों की सरकारें एवं अधिकारी कितने गंभीर हैं, यह इसी से पता चल जाता है कि उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में भी कनिष्ठ स्तर के अधिकारियों को भेज दिया।  है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को चुनाव में हारने की गारंटी है, इसीलिए यह सब किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से लड़ने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान काम कर रहा है।