सेबी का सहारा प्रमुख सुब्रत राय को फरमान, जल्द करें 141 बिलियन रुपये का भुगतान

नई दिल्ली। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन (एसआईसीसीएल), इसके प्रमुख सुब्रत राय सहारा और 13 अन्य व्यक्तियों को 4 वर्षों के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से नियमों का उल्लंघन कर वैकल्पिक रूप से पूरी तरह से परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) के माध्यम से बाजार से पैसे जुटाने के मामले में सेबी ने यह कार्रवाई की है। पूंजी बाजार नियामक ने सहारा इंडिया, एसआईसीसीएल और राय को यह निर्देश भी दिया है कि वो 15 फीसद के सालाना रिटर्न के साथ 141 बिलियन (14,000 करोड़) रुपये का भुगतान करें। सेबी ने पाया है कि सहारा इंडिया कमर्शियल कार्पोरेशन (एसआईसीसीएल) ने वित्त वर्ष 1998-2009 के बीच ओएफसीडी प्रस्ताव के जरिए 1,98,39,939 निवेशकों से 14,106 करोड़ रुपये जुटाए थे। 54 पन्ने के अपने आदेश में नियामक (सेबी) सभी 15 लोगों को 4 साल के लिए किसी भी ऐसी पब्लिक लिस्टेड कंपनी से जुड़ने से रोक दिया है जो कि जनता से पैसे जुटाने का इरादा रखती है। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य मधाबी पुरी ने बताया, सुब्रत राय सहारा, ओपी श्रीवास्तव, जे बी राय और अन्य को दिशानिर्देश दिया गया है कि वो न तो प्रत्यक्ष रुप से और न ही अप्रत्यक्ष 1 सेबी ने पाया है कि सहारा इंडिया कमर्शियल कापरिशन। (एसआईसीसीएल) ने वित्त वर्ष 1998-2009 के बीच ओएफसीडी प्रस्ताव के जरिए 1,98,39,939 निवेशकों से 14,106 करोड़ रुपये। जुटाए थे। रुप से प्रॉस्पेक्टस जारी करके, जनता से धन मांगने के लिए दस्तावेज़ एवं विज्ञापन की पेशकश करते हुए सिक्योरिटी मार्केट से संपर्क रखें। उन्हें सिक्योरिटी मार्केट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से खरीद एवं बिक्री करने से प्रतिबंधित किया जाता है, ऐसा उन्हें अक्टूबर से लेकर निवेशकों का पैसा लौटाए जाने की निर्दिष्ट 4 वर्ष की मियाद पूरी होने तक करना होगा।