आयुष्मान भारत के तहत मात्र 5000 गोल्डन कार्ड बनाने पर डीएम रितु माहेश्वरी ने फटकार लगाई

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपद में अभी तक महज 5000 गोल्डन कार्ड बनाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कार्ड में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीडीओ रमेश रंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एनके गुप्ता,डा.दीपा त्यागी, डा.आरके यादव, अस्पतालों के प्रतिनिधि एवं चिकित्सकों की मौजूदगी मेंं स्पष्ट कहा कि आज तक चयनित लाभार्थी की सूची और पैनल और अनपैनल्ड अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए। ताकि प्राइवेट अस्पताल भी ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाकर योजना में योगदान दे सकें।जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने साफ कहा कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों और जरूरतमंद परिवारों को इस योजना के तहत 5 लाख रुपए फ्री में इलाज के लिए दिया जा रहा है। सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना के मुताबिक,कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य बीमा कराकर जरूरतमंद लोग अपना उपचार पैनल और अनपैनल्ड अस्पताल में कहीं भी करा सकेंगे। जिलाधिकारी ने आगे कहा कि योजना के तहत कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर, डायबिटीज समेत 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज शामिल हैं।जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि मरीजों की भर्ती अस्पताल में कम है, इसलिए इस योजना का डोर टू डोर प्रचार किया जाए ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक लोगोंं तक पहुंच सके। उन्होंने खा कि  प्राइवेट और
सरकारी अस्पताल में कुछ ही लाभार्थी को लाभ मिल रहा है। सम्भव है कि लाभार्थियों को अज्ञानता के कारण इसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा। इसलिए जिन मरीजों का अपना इलाज करवाना है, उन्हें पत्र जारी कर, फोन से इस योजना के बारे में जानकारी दें और उनका गोल्डन कार्ड बनाने के लिए उन्हें प्रेरित करें।दरअसल, योजना की मंथर गति पर जिलाधिकारी माहेश्वरी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि एक नीति गत कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा सके। बता दें कि अभी तक जिले में महज 5000 गोल्डन कार्ड ही बने हैं, जिनमें से केवल 500 कार्ड ही प्राइवेट अस्पताल द्वारा बनाए गए हैं। जिलाधिकारी माहेश्वरी ने कहा कि प्राइवेट अस्पताल भी अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाकर योजना में अपना योगदान देें। उनके द्वारा भी योजना का प्रचार करने के लिए कैंप लगाकर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जाए। इस हेतु आशाएं और आशा मित्र लाभार्थियों के परिवारों से संपर्क कर प्रेरित करें। ताकि जरूरतमंद लोगों को लाभ मिले।