जनसंख्या नियंत्रित नहीं हुई तो गृहयुद्ध के हालात पैदा होंगे: गिरिराज सिंह




गाजियाबाद। केंद्रीय एमएसएमई राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरिराज सिंह ने चेताया है कि यदि जनसंख्या नियंत्रित नहीं की गई तो भविष्य में देश में गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। श्री सिंह रविवार को स्थानीय राजनगर सेक्टर-10 स्थित रामलीला मैदान में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन द्वारा जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आयोजित जनसंख्या कानून रैली को सम्बोधित कर रहे थे।इस रैली में संस्था के अध्यक्ष अनिल चौधरी, राष्ट्रीय संयोजक ममता सहगल, स्वामी यतींद्र नाथ गिरी महाराज, राज्य मंत्री अतुल गर्ग,  महापौर आशा शर्मा, बलदेवराज शर्मा, विधायक सुनील शर्मा, नन्द किशोर गुर्जर, चेयरमैन रंजीता धामा, दिनेश गोयल, महेश आहूजा, पू्र्व विधायक अश्विनी उपाध्याय, प्रशांत चौधरी, पिंकी चौधरी आदि भी शिरकत किया, जिससे इसकी सियासी महत्ता को समझा जा सकता है।अपनी बात पर बल देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत में बेहताशा बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए सभी के लिए समान रूप से अधिकतम 2 बच्चे पैदा करने के कानून बनाने की आवश्यकता है, जिस पर सरकार भी गंभीर है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह इस कानून को बनवाने के लिए अपने पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जनसंख्या समाधान फाउंडेशन की 312 जिलों की टीमों द्वारा पिछले 4 वर्षों से जनसंख्या नियंत्रण आंदोलन चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत 73 बड़े धरने-प्रदर्शन देशभर में आयोजित किए जा चुके हैं। यही नहीं, संस्था द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट को विभिन्न दलों के 125 सांसदों ने लिखित समर्थन दिया जिसे विगत 9 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा गया। इस ड्राफ्ट में यह उल्लेखित है कि देश की समस्याओं से निपटने के लिए सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता है जो कि जाति, धर्म, क्षेत्र व भाषा से ऊपर उठकर सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो।जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने केंद्रीय मंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मांग पत्र सौंपा। जिसका समर्थन वहां मौजूद हजारों लोगों ने हाथ उठाकर किया। इस अवसर पर डा. हरपाल सिंह, अमरदत्त शर्मा, प्रदीप चौधरी, सर्वेश शर्मा, अतुल कुमार जैन, डॉक्टर अलका सैनी, अजेन्द्र चौधरी, सुरेश यादव, अविनाश ओझा, नवीन गर्ग, प्रमोद बंसल, नरेश सिंघल, सुनीता भाटिया, वंदना त्यागी, जितेन्द्र यादव, हरिओम पांडेय, अभय त्यागी, सुंदर त्यागी, श्रवण कुमार अग्रवाल, औंकार सैनी, आर एम गर्ग, चौ. नेपाल सिंह आदि मौजूद रहे।