नोएडा में लाखों लोगों के घर का सपना होगा साकार, बिल्डरों पर आफत

नई दिल्ली। आवासीय संपत्ति को फ्री होल्ड करने से पहले ही दिल्ली से सटे यूपी के शहर नोएडा को एक बड़ा तोहफा मिल सकता है, वह भी नए साल पर। दरअसल, अब नोएडा में भी लोग अब फ्लोर वार फ्लैट्स/ मकानों की खरीद फरोख्त कर सकेंगे और इसकी बाकायदा रजिस्ट्री भी होगी। इसके लिए 11 दिसंबर से आपत्ति व सुझाव मांगने का सिलसिला नोएडा प्राधिकरण में शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि आगामी 15 दिनों के अंदर लोगों को सेक्टर-6 स्थित प्रशासनिक कार्यालय में अपना सुझाव व आपत्ति जमा करनी होगी। इसके बाद संकलित रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे शासन को भेजा जाएगा। वहां से अंतिम मुहर लगने के बाद इसे अमल में लाया जा सकेगा। । इस प्रस्ताव को प्राधिकरण ने अपनी 195वीं बोर्ड बैठक में पास किया था। यदि ऐसा होता है तो फ्री होल्ड होने से पहले ही शहरवासियों को यह अधिकार मिल जाएगा। जाहिर है ऐसा होने पर प्राधिकरण व रजिस्ट्री विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। बता दें कि इसका सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर होगा। शहर में 30 हजार आवासीय भूखंड हैं।यदि ऐसा होता है तो फ्री होल्ड होने से पहले ही शहरवासियों को यह अधिकार मिल जाएगा। जाहिर है ऐसा होने पर प्राधिकरण व रजिस्ट्री विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। बता दें कि इसका सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर होगा। शहर में 30 हजार आवासीय भूखंड हैं।कुल क्षेत्रफल 40 वर्ग मीटर से 500 वर्गमीटर तक हैं। अगर घरों में फ्लोर वार रजिस्ट्री की अनुमति देता है तो यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर को बिक्री के मामले में प्रभावित करेगा। ऐसे में यह नीति आम आदमी के लिए फायदेमंद होगी और उन्हें उबारने का काम करेंगी, लेकिन इस नीति से बिल्डरों की स्थिति और भी खराब होगी। गौरतलब कि शहर में अब भी करीब 45 हजार खरीदार अपने घरों के लिए चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में यदि तल-वार रजिस्ट्री खुल जाती है, तो रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित होगा। प्राधिकरण के नियोजन विभाग के अनुसार फ्लोर वार सिर्फ उन्हीं फ्लैटों की खरीद फोरख्त हो सकती है। जिनको एक यूनिट माना जाएगा। यहां यूनिट से मतलब एक किचन व बाथरूम से है। यही स्थिति भूखंडों पर भी लागू होगी।