रालोसपा ने राजग से नाता तोड़ा

कुशवाहा का इस्तीफा


नयी दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अभी कुशवाहा ने भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का साथ छोड़ दिया हैं। जिसके बाद बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। बता दें कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद ही कुशवाहा विपक्षी एकता बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक कुशवाहा ने राजग का साथ छोड़ दिया हैं। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख पिछले कुछ सप्ताहों से भाजपा और उसके अहम सहयोगी दल के नेता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। रालोसपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के भाजपा के संकेतों के बाद से कुशवाहा नाराज चल रहे थे। वहीं, दूसरी ओर भाजपा और जदयू के बीच बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। बिहार से लोकसभा में 40 सांसद आते हैं।कुशवाहा ने आरोप लगाते हुए कहा  नीतीश का एजेंडा मुझे बर्बाद करने का है। 2019 चुनाव के मद्देनजर जदयू के एनडीए में शामिल होने के बाद सीट शेयरिंग पर कुशवाहा सहमत नहीं थे। कुशवाहा के मुताबिक, गठबंधन में उन्हें कम सीटें मिल रही थीं। ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने की कोशिश भी की थी, हालांकि उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कहा- भाजपा के साथ उनकी सीटों को लेकर बात नहीं बनी। बिहार सरकार फेल हो गई। नीतीशजी का एजेंडा मुझे और मेरी पार्टी को बर्बाद करने का है।