जनसंख्या नियंत्रण कानून हेतु राष्ट्र निर्माण संगठन





नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी और सबसे जुड़ी समस्या जनसंख्या विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण और इसके स्थायी व दीर्घकालिक समाधान के लिए एक कठोर और प्रभावशाली जनसंख्या नियंत्रण कानून के निर्माण हेतु राष्ट्र निर्माण संगठन द्वारा गुरुवार को नई दिल्ली के जन्तर मन्तर पर संसद के प्रतीकात्मक स्वरूप में जन संसद का आयोजन किया गया। इस जन संसद में कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधियों ने जनसंख्या नियंत्रण कानून के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया। 

इस जन संसद का आगाज भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, राष्ट्र निर्माण संगठन के अध्यक्ष सुरेश चव्हाणके, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मेजर जनरल एस पी सिन्हा, कर्नल टीपीएस त्यागी, भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 

 जन संसद को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जनसंख्या नियंत्रण कानून को देश के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि अगर यह कानून नहीं बना तो आने वाले समय में भारत के हिंदुओं का हाल सीरिया और इराक के अल्पसंख्यकों जैसा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत सांस्कृतिक रूप से एक गैस चैंबर हो जाएगा जहां भारतीय संस्कृति दम तोड़ देगी। 

गिरिराज सिंह ने देश की असंतुलित जनसांख्यिकीय अनुपात को गम्भीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि हमें अपनी कुम्भकर्णी नींद से जगना होगा । उन्होंने कहा कि देश तभी सुरक्षित रहेगा जब हिन्दू बहुसंख्यक होगा और इसके लिए आवश्यक है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द से जल्द बने। उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो अपना सर्वस्व न्यौछावर करना पड़ेगा। उन्होंने अपने सम्बोधन में इस कानून को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। 

 

# जनसंख्या नियंत्रण के बिना विकास असम्भव

 

इस अवसर पर भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने सदन के भीतर और बाहर इस प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून के प्रस्ताव को पूर्णतः समर्थन देने का वचन देते हुए कहा कि भारत को अगर समृद्ध बनाना है तो इस कानून को लाना ही पड़ेगा। जनसंख्या वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण के बिना देश का विकास सम्भव नहीं है। 

 

इस मौके पर उज्जैन से भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय ने प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून के समर्थन में पारित प्रस्ताव का पूर्णतः समर्थन करते हुए कहा कि जिस प्रकार पड़ोसी देशों से घुसपैठिये षड्यंत्र पूर्वक भारत आकर यहां के लिए गम्भीर जनसांख्यिकीय अंसतुलन पैदा कर रहे हैं, वह बहुत चिंताजनक है। देश की तेजी से असन्तुलित होती जनसंख्या देश की एकता और अखण्डता के लिए गम्भीर चुनौती है। 

 

इसी कड़ी में शिमला से सांसद वीरेंद्र कश्यप ने देश के समग्र विकास के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून को नितांत आवश्यक बताया। साथ ही कहा कि इस कानून पर लोकसभा में प्रस्ताव पर चर्चा के लिए लोकसभा की सभापति को भी अवगत कराया जा चुका है। 

 

 भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने जनसंख्या नियंत्रण कानून के प्रस्ताव का पूर्णतः समर्थन किया। उन्होंने कहा तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति ने इस देश को गहरा नुकसान पहुंचाया है। देश की असन्तुलित जनसंख्या इन्हीं गलत नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने इस कानून के निर्माण में अपनी सहभागिता और प्रतिबद्धता जताई।

 

# 70 दिनों में की 20 हजार किलोमीटर की यात्रा, ताकि जगें भारतवासी

 

इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्र निर्माण संगठन के अध्यक्ष सुरेश चव्हाणके ने कहा कि प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए पिछले साल 20 हजार किलोमीटर की 70 दिवसीय अखिल भारतीय भारत बचाओ यात्रा के सफल आयोजन के साथ देश भर में जनसंख्या विस्फोट पर गम्भीर विमर्श की शुरुआत हमने की। अखिल भारतीय यात्रा के साथ-साथ प्रस्तावित कानून के समर्थन में  देश भर से लगभग सवा चार करोड़ लोगों के हस्ताक्षर और मिस्डकॉल का संकलन किया गया। देश के हर हिस्से में इस विषय पर लोगों से संवाद किया गया।फलस्वरूप इस मुद्दे पर आम जनमानस के प्रचंड समर्थन से अब देश भर में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग मुखर हो उठी है। 

 

श्री चव्हाणके ने आगे कहा कि इस कानून के लिए शुरू किए गए हमारे अभियान को अब तक  6 मुख्यमंत्रियों, 225 से ज्यादा सांसदों, 1000 से ज्यादा विधायकों, कई केंद्रीय व प्रांतीय मंत्रियों सहित लाखों जनप्रतिनिधियों का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा, प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए कई सांसदों ने प्राइवेट बिल लाने की भी बात कही है। लेकिन सदन की कार्यवाही के लगातार बाधित होने से ऐसा करना सम्भव नहीं हो पाया। इसलिए इस कानून हेतु प्रतीकात्मक संसद के रूप में हमने जन संसद का आगाज किया जिसमें जनसंख्या नियंत्रण कानून के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। 

 

# 2029 के बाद देश को नहीं मिलेगा हिन्दू पीएम, जताई आशंका

 

 श्री चव्हाणके ने जन संसद को सम्बोधित करते हुए कहा कि असन्तुलित जन्म-दर और अवैध घुसपैठ के कारण देश मे उत्पन्न जनसंख्या असंतुलन को देश की सम्प्रभुता के लिए अत्यंत खतरनाक और चिंताजनक बताया और  कहा कि इस असंतुलन के कारण देश के कई राज्यों में कभी बहुसंख्यक रहे हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुके हैं। जहां जहां हिन्दू अल्पसंख्यक हुए हैं वहां विभाजनकारी तत्व मज़बूत हुए हैं और देश को बांटने की कोशिशें की हैं। 1947 में भारत का विभाजन धर्म के आधार पर ही हुआ था, लेकिन आज एक बार फिर से धर्म के आधार पर देश को विभाजित करने की मांग उठने लगी है। उन्होंने जनसंख्या असंतुलन को इसका जिम्मेदार बताते हुए कहा कि कठोर और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून शीघ्र बनाकर इसे लागू नहीं किया गया तो जनसंख्या असंतुलन के कारण पूरे देश में हिन्दू अल्पसंख्यक हो जाएंगे। 2029 के बाद कोई हिन्दू देश का प्रधानमंत्री नहीं बन पाएगा। देश के टुकड़े करने वाले तत्व मज़बूत होंगे। आज ही यह स्थिति है कि भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा देने वाले देशद्रोहियों का तथाकथित सेक्युलर पार्टियां और मीडिया समर्थन करतीं हैं। देश तोड़ने वाले नारे को अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर सही बताया जाता है। वहीं हम दो हमारे दो तो सबके दो के समता मूलक नारे को सांप्रदायिक कहा जाता है।  

उन्होंने देश में विभाजनकारी तत्वों के उभार को देश के लिए अत्यंत खतरनाक बताते हुए कहा कि विभाजन के पूर्व अविभाजित हिंदुस्तान के वर्तमान पाकिस्तानी भूभाग में बहुत बड़े मंदिर और हिंदुओं के प्रतिष्ठान थे, लेकिन हिन्दू कमज़ोर हुए तो आज न तो वो हिंदुओं का प्रतिष्ठान बचा है और न ही वो मन्दिर अब बचे हैं। वर्तमान में भारत  में एक बार फिर देश के विभाजन सुर उभरने शुरू हो गए हैं। देश के लिए यह स्थिति अत्यंत खतरनाक है। 

# भारत बचाओ यात्रा ने भी बढ़-चढ़ कर दी भागीदारी

भारत बचाओ यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक मेजर जनरल एस पी सिन्हा ने कहा कि देश की एकता और अखण्डता के लिए दो बच्चों का कानून बनाना ही पड़ेगा। उन्होंने जन संसद में रखे गए प्रस्ताव का पूर्णतः समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से इसे शीघ्र लागू करने की मांग की।

भारत बचाओ यात्रा के सह संयोजक कर्नल टी पी एस त्यागी ने कहा कि देश की विकट जनसांख्यिकीय स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि हम दो हमारे दो तो सबके दो के नारे वाला जनसंख्या नियंत्रण कानून ही इस देश को जनसंख्या विस्फोट की विभीषिकाओं से बचा सकता है। उन्होंने इस कानून के प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करते हुए सरकार से अविलम्ब कानून बनाकर लागू करने की मांग की।

जन संसद को समाजसेवी सुभाष जिंदल, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी दुबे और अश्विनी उपाध्याय, धर्मगुरु श्यामजी महाराज संयोजक विजय यादव आदि ने भी सम्बोधित किया। इस आशय की जानकारी बालाजी मिश्र, मीडिया प्रभारी, राष्ट्र निर्माण संगठन ने दी है।