श्री सिंघल ने बताया कि रोटी बनाने के लिए ट्रस्ट में ऑटोमेटिक मशीन लगा रखी है जिसमें चूल्हे जैसी नरम गरम रोटियां बनती है। यह मशीन 1 घंटे में लगभग 1000 रोटी बनाती है। ट्रस्ट के द्वारा बनाए जा रहे भोजन में शुद्ध घी व स्वयं चक्की से पीसवाये मसाले का ही प्रयोग होता है। भोजन परोसने हेतु स्टील के भोजन थाल ट्रस्ट द्वारा खरीदे गए हैं, जिनमें भोजन परोसा जाता है।
महाराजा अग्रसेन रसोई में प्रारंभ में तो प्रतिदिन भोजन करने के लिए 400 लगभग व्यक्तियों की व्यवस्था की गई थी, जो अब प्रतिदिन वृद्धि की ओर उन्मुख है। फिलवक्त महाराजा अग्रसेन रसोई में भोजन करने वालों की संख्या 800 व्यक्ति प्रतिदिन तक पहुंच गई है। ट्रस्ट ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रतिदिन भोजन करने वाले लाभार्थियों से जो पांच रुपए की राशि ट्रस्ट को प्राप्त हो रही है, उसे भी ट्रस्ट द्वारा सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो जाने वाले जवानों के परिवारों की गरीब कन्या की शादी अथवा दूसरे किसी सामाजिक कार्य में ही लगाई जाएगी। इसका प्रयोग ट्रस्ट द्वारा अपने व्यय में नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में संस्थापक संदीप सिंघल, मुख्य संरक्षक डॉ राजेश कुमार गुप्ता मुकेश, संरक्षक बीके अग्रवाल, मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल, देवेंद्र हितकारी, संरक्षक श्याम सुंदर अग्रवाल आदि पदाधिकारी गण प्रमुख रूप से मौजूद रहे।